Monday, 05 October 2026
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वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कांग्रेस इंडिया गठबंधन करेगा पैदल मार्च 5 प्रसुताओं का नियमित निःशुल्क डायलिसिस उपचार जारी,किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एस.ओ.टी.टी.ओ. पोर्टल पर किया पंजीकरण बूंदी बंद के समर्थन में कांग्रेस, प्रहलाद गुंजल बोले—व्यापारियों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं विश्वेरा सखी ग्रुप ने बच्चों में बाँटी खुशियां किन्नर समाज का प्रदर्शन, पूर्व ड्राइवर पर धर्मांतरण के दबाव और 50 लाख मांगने का आरोप रूस में प्लेग की आशंका से बढ़ी चिंता, लैब कर्मचारी की मौत के बाद 200 लोग निगरानी में बिना सूचना बंधा धर्मपुरा गौशाला पहुंचे महापौर और उपमहापौर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा महात्मा गांधी जयंती पर कोटा विश्वविद्यालय में पुष्पांजलि एवं ऑपरेशन युवा रक्षा के अंतर्गत जागरूकता सत्र का आयोजन वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कांग्रेस इंडिया गठबंधन करेगा पैदल मार्च 5 प्रसुताओं का नियमित निःशुल्क डायलिसिस उपचार जारी,किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एस.ओ.टी.टी.ओ. पोर्टल पर किया पंजीकरण बूंदी बंद के समर्थन में कांग्रेस, प्रहलाद गुंजल बोले—व्यापारियों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं विश्वेरा सखी ग्रुप ने बच्चों में बाँटी खुशियां किन्नर समाज का प्रदर्शन, पूर्व ड्राइवर पर धर्मांतरण के दबाव और 50 लाख मांगने का आरोप रूस में प्लेग की आशंका से बढ़ी चिंता, लैब कर्मचारी की मौत के बाद 200 लोग निगरानी में बिना सूचना बंधा धर्मपुरा गौशाला पहुंचे महापौर और उपमहापौर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा महात्मा गांधी जयंती पर कोटा विश्वविद्यालय में पुष्पांजलि एवं ऑपरेशन युवा रक्षा के अंतर्गत जागरूकता सत्र का आयोजन

Sabhi Taaza Khabarein

राजस्थान

पंचायत चुनाव और स्कूल परीक्षाओं की तारीखें आमने-सामने, शिक्षकों की बढ़ी चिंता, दीपावली अवकाश पर भी असर की आशंका

जयपुर, 4 अक्टूबर। राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की प्रक्रिया और सरकारी स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की प्रस्तावित तारीखें आसपास होने से शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। एक ओर शिक्षकों को पंचायत चुनावों में ड्यूटी, प्रशिक्षण और अन्य निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियां निभानी होंगी, वहीं दूसरी ओर इसी अवधि में स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित की जानी प्रस्तावित हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था और चुनावी जिम्मेदारियों के बीच समन्वय को लेकर शिक्षकों में चिंता बढ़ रही है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में 15 से 29 अक्टूबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित बताई जा रही हैं। वहीं स्कूलों में 4 से 15 नवंबर तक दीपावली अवकाश निर्धारित है। दूसरी ओर पंचायत चुनावों का कार्यक्रम चार चरणों में घोषित किया गया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को मतदान होगा, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम के साथ शिक्षकों को मतदान से पहले प्रशिक्षण और चुनाव संबंधी अन्य जिम्मेदारियों में भी लगाया जाएगा। ऐसे में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में प्रस्तावित अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों के चुनावी कार्य में व्यस्त रहने की संभावना है। इससे स्कूलों में परीक्षा संचालन, वीक्षक व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सबसे अधिक चिंता दीपावली अवकाश को लेकर भी सामने आ रही है। पंचायत चुनावों का कार्यक्रम नवंबर के मध्य तक चलने के कारण 4 से 15 नवंबर तक निर्धारित दीपावली अवकाश के दौरान भी कई शिक्षकों की चुनावी जिम्मेदारियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में शिक्षकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि चुनावी ड्यूटी और परीक्षा कार्यक्रम में किस प्रकार तालमेल बनाया जाएगा तथा क्या परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया जाएगा या दीपावली अवकाश प्रभावित होगा। इस संबंध में शिक्षक संगठनों की ओर से शिक्षा विभाग और राज्य निर्वाचन विभाग से समन्वय स्थापित कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की जा रही है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि चुनाव और परीक्षाएं दोनों ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, इसलिए दोनों के कार्यक्रम इस तरह निर्धारित किए जाने चाहिए कि शिक्षकों पर एक साथ अतिरिक्त दबाव नहीं पड़े। वहीं अधिकारियों की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई स्पष्ट निर्णय या संशोधित कार्यक्रम सामने नहीं आया है। ऐसे में शिक्षकों की नजर अब शिक्षा विभाग और निर्वाचन विभाग की आगामी गाइडलाइन पर है। यदि दोनों कार्यक्रमों में बदलाव या समायोजन नहीं किया गया तो अक्टूबर और नवंबर के दौरान सरकारी स्कूलों में चुनावी जिम्मेदारियों और परीक्षा संचालन के बीच समन्वय एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

Sanjay Kumar • Kal
विविध/अन्य

वन्यजीव सप्ताह में भेड़िया संरक्षण पर संगोष्ठी

कोटा, 4 अक्टूबर। 72वें वन्यजीव सप्ताह के तहत शनिवार को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के जैव-विविधता से परिपूर्ण क्षेत्र गराड़िया महादेव में वन भ्रमण से दिन की शुरुआत हुई। वन भ्रमण में मूक-बधिर बाल विकास केंद्र के विशेष बच्चों, विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं सहित करीब 200 वन्यजीव प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भेड़िया संरक्षण पर संगोष्ठी आयोजित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की ओर से भेड़िया संरक्षण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का नेतृत्व मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एवं मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कोटा टी. मोहनराज तथा उप वन संरक्षक मुकुंदरा नेशनल पार्क मुथ्थु एस. ने किया। भारतीय ग्रे वुल्फ के व्यवहार और संरक्षण चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. धर्मेंद्र खंडाल ने भारतीय ग्रे वुल्फ के व्यवहार, प्राकृतिक आवास, मानव गतिविधियों से भेड़ियों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव तथा उनके संरक्षण से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजस्थान में देश की कुल भेड़िया आबादी का लगभग 16 प्रतिशत हिस्सा निवास करता है। हाड़ौती में संभावित भेड़िया रहवास क्षेत्र विकसित करने की रूपरेखा पर मंथन डॉ. खंडाल ने भेड़ियों के संरक्षण एवं अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी देते हुए हाड़ौती के वन क्षेत्रों में भेड़ियों के लिए संभावित रहवास क्षेत्र विकसित करने की रूपरेखा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भेड़ियों के प्राकृतिक आवासों की पहचान, उनके व्यवहार के अध्ययन तथा संरक्षण के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर दिया। वन्यजीव विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने लिया भाग संगोष्ठी में उप वन संरक्षक वन्यजीव कोटा प्रमोद धाकड़, डॉ. सुधीर गुप्ता, सहायक वन संरक्षक, वन विभाग के नए अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रोफेसर, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा वन्यजीव प्रेमियों सहित करीब 200 प्रतिभागी उपस्थित रहे।

Admin Desk • Kal
कोटा

शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा ने रचा वित्तीय इतिहास, ₹4.34 करोड़ का शुद्ध लाभ; 97 डिफॉल्टरों पर रिकवरी कार्रवाई जारी

कोटा, 4 अक्टूबर। शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा लि.-696 आर (कोटा-बारां) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹4.34 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित कर अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया है। संस्था की ओर से शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, उपाध्यक्ष महेंद्र नागर और मंत्री जमनालाल गुर्जर ने संस्था की वित्तीय उपलब्धियों, बकाया ऋण की वसूली और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और बड़ी संख्या में डिफॉल्टर सदस्यों के बावजूद वर्तमान कार्यकारिणी ने कानूनी कार्रवाई और रिकवरी के माध्यम से संस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने बताया कि संस्था का वार्षिक अधिवेशन रविवार को होटल द्वारिका, नेशनल हाईवे कोटा रोड, बारां में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन में राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री प्रमोद जैन "भाया", किशनगंज विधायक ललित मीणा, बारां विधायक राधेश्याम बैरवा, शिक्षा मंत्री के विशेषाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता तथा राधाकृष्ण शिक्षा सहकारी बारां के अध्यक्ष बृजगोविन्द टेलर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 1374 डिफॉल्टरों से घटकर संख्या 97 पर पहुंची उपाध्यक्ष महेंद्र नागर ने बताया कि फरवरी 2023 में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने जब संस्था का कार्यभार संभाला, उस समय करीब ₹21 करोड़ की डिफॉल्ट राशि और 1374 डिफॉल्टर सदस्य थे। कार्यकारिणी द्वारा लगातार की गई रिकवरी कार्रवाई और कानूनी प्रयासों के बाद अब डिफॉल्टर सदस्यों की संख्या घटकर केवल 97 रह गई है। इन मामलों में न्यायालय और उपरजिस्ट्रार के माध्यम से रिकवरी की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि संस्था के कोष के दुरुपयोग के आरोपों से जुड़े मामलों में पूर्व अध्यक्ष और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ ₹4.56 लाख तथा ₹2.70 लाख के गबन को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। वहीं, तीन संतान का तथ्य छुपाकर पद पर बने रहने वाले एक संचालक को भी बर्खास्त कराया गया है। सदस्यों को 4 प्रतिशत लाभांश देने का प्रस्ताव संस्था की वित्तीय उपलब्धियों का लाभ सदस्यों तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रस्ताव रखे जाएंगे। अध्यक्ष ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अर्जित ₹4.34 करोड़ के शुद्ध लाभ में आवश्यक प्रावधानों के बाद ₹2.56 करोड़ की राशि शेष रहती है। इसमें से अंशधारकों को लगातार तीसरे वर्ष 4 प्रतिशत की दर से लाभांश देने का प्रस्ताव वार्षिक आमसभा में रखा जाएगा। ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करने की तैयारी सदस्यों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सामान्य ऋण और इमरजेंसी ऋण की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी आमसभा में रखा जाएगा। वर्तमान में दोनों प्रकार के ऋण की सीमा ₹3-3 लाख है, जिसे बढ़ाकर ₹4-4 लाख करने की तैयारी है। संस्था ने अपने वित्तीय आधार को मजबूत करने के लिए कार्यकाल के दौरान ₹5 करोड़ की अतिरिक्त एफडी भी कराई है। रविवार को भी खुलेगा कार्यालय, ऑनलाइन जमा की सुविधा शुरू सदस्यों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संस्था ने कार्यालय संचालन में भी बदलाव किया है। अब गुरुवार का अवकाश समाप्त कर रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक कार्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सदस्यों के लिए ऑनलाइन लिंक और क्यूआर कोड के माध्यम से राशि जमा करने की सुविधा भी शुरू की गई है। 1943 में हुई थी संस्था की स्थापना, 6500 सदस्य जुड़े मंत्री जमनालाल गुर्जर ने बताया कि शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा की स्थापना वर्ष 1943 में स्वर्गीय घांसीलाल द्वारा की गई थी। करीब 83 वर्ष पुरानी इस संस्था से वर्तमान में लगभग 6500 सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि संस्था अपने सदस्यों को 50 पैसे प्रति सैकड़ा यानी 0.5 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है। वित्तीय गतिविधियों के साथ संस्था पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, बेटी बचाओ और जल संरक्षण जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में भी भागीदारी निभा रही है। प्रेस वार्ता के दौरान संचालक गायत्री मीणा, अनुराधा शर्मा, कमल कुमार शर्मा, दिनेश कुमार मीणा, रवि प्रकाश गौतम, धर्मेंद्र कुमार मेघवाल, पूनम गौतम, शिवराज गोचर, दिनेश कुमार नागर और महावीर प्रसाद मीणा सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

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कोटा

क्षमावाणी पर्व पर दिगंबर जैन समाज ने दिया आत्मशुद्धि और सद्भाव का संदेश

कोटा, 4 अक्टूबर।श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, दादाबाड़ी में क्षमावाणी पर्व के पावन अवसर पर आत्मशुद्धि, आत्ममंथन और आपसी सद्भाव का संदेश दिया गया। संस्था के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने कहा कि क्षमावाणी पर्व आत्मशुद्धि और आत्ममंथन का पावन अवसर है। जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए क्षमा मांगना और दूसरों को हृदय से क्षमा करना ही इस पर्व की सच्ची सार्थकता है। उन्होंने कहा कि क्षमा से मन निर्मल होता है, अहंकार मिटता है और रिश्तों में मधुरता आती है। उत्तम क्षमा को केवल पर्व तक सीमित न रखकर इसे अपने जीवन का संस्कार बनाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी लोगों से आह्वान किया कि मन से वैर-विरोध और द्वेष मिटाकर एक-दूसरे से क्षमा मांगें, क्षमा करें तथा प्रेम, करुणा और सद्भाव के साथ जीवन जीने का संकल्प लें। यही क्षमावाणी पर्व का सच्चा संदेश और आत्मकल्याण का मार्ग है। इस अवसर पर सुधासागर बालिका छात्रावास की अध्यक्षा अर्चना जैन ने समाज एवं समाज जनों के लिए अपना भावपूर्ण संदेश व्यक्त किया: क्षमावाणी पर्व आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का पावन अवसर है। वर्षभर में जाने-अनजाने हमारे मन, वचन या कर्म से किसी को भी ठेस पहुँची हो तो हम हृदय से क्षमा प्रार्थी हैं। ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ केवल शब्द नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और मैत्री को मजबूत करने का संकल्प है। आइए, इस पावन पर्व पर मन के सभी वैर-विरोध मिटाकर क्षमा, करुणा और मानवता को अपने जीवन का आधार बनाएं। अर्चना जैन (अध्यक्ष, सुधासागर बालिका छात्रावास) कार्यक्रम के अंत में सभी प्रबुद्ध जनों एवं श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहकर क्षमा याचना की और समाज में शांति, प्रेम तथा भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

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