अजमेर/कोटा: 07 अक्टूबर 2026
राजस्थान की अजमेर महिला जेल में पद के दुरुपयोग और नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में दो महीने से फरार चल रहीं तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी को पुलिस ने कोटा के एक आवासीय फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पूर्व जेलर को उसी महिला जेल में बंद कर दिया गया है, जिसकी वे कभी प्रभारी हुआ करती थीं।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 12 जुलाई 2026 की है। आरोप है कि तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी ने महिला प्रहरी सोनिया के साथ मिलकर नियमों के विपरीत दो निरुद्ध महिला बंदियों को जेल से बाहर निकाला था। जेल कर्मचारियों के विरोध के बावजूद दोनों महिला बंदियों को दिव्या चौधरी के निजी आवास पर ले जाया गया, जहाँ उनसे साफ-सफाई का काम कराया गया।
मामले का खुलासा होने पर केंद्रीय कारागृह अजमेर के अधीक्षक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। सीओ नॉर्थ शिवम जोशी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 209, 260 और केंद्रीय कारागृह अधिनियम की धारा 42 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
कोटा में पुलिस की रेड और गिरफ्तारी:
घटना के बाद से ही आरोपी पूर्व जेलर फरार चल रही थीं। एसपी और एडिशनल एसपी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई। खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस को आरोपी के कोटा में छिपे होने की सटीक जानकारी मिली। 6 अक्टूबर को पुलिस टीम ने कोटा स्थित एक आवासीय फ्लैट पर छापेमारी कर दिव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी:
पुलिस के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रकरण में सह-आरोपी महिला प्रहरी सोनिया और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।