कोटा

133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में राजस्व का नया रिकॉर्ड, अब 5.50 करोड़ का लक्ष्य

Admin Desk
24 Oct 2026, 07:34 PM
Pramukh Samvad
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अब तक 5.12 करोड़ रुपये की आय, पिछले दो वर्षों के आंकड़ों को छोड़ा पीछे; खाली दुकानों के आवंटन पर भी जोर

कोटा, 24 अक्टूबर।

कोटा के 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 में नगर निगम ने राजस्व अर्जन के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मेले के विभिन्न बाजारों, दुकानों और अन्य आवंटनों से अब तक 5.12 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह आंकड़ा पिछले वर्षों में मेले से हुई आय की तुलना में सर्वाधिक है। नगर निगम ने अब इस आंकड़े को 5.50 करोड़ रुपये के पार पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

पिछले वर्षों की आय को पीछे छोड़ा

नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि इस वर्ष दशहरा मेले से अब तक 5.12 करोड़ रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। इससे पहले वर्ष 2025 में मेले से 4.70 करोड़ रुपये और वर्ष 2024 में 4.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस वर्ष की आय ने पिछले दोनों वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। निगम का प्रयास है कि मेले के शेष आयोजन के दौरान राजस्व में और वृद्धि की जाए।

खाली दुकानों के आवंटन से आय बढ़ाने की कवायद

उपायुक्त धीरज कुमार सोनी ने बताया कि नगर निगम का लक्ष्य मेले से होने वाली कुल आय को 5.50 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाना है। इसके लिए दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में कुछ दुकानें खाली हैं, जिनका आवंटन सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। मेला मैदान में कुछ नई दुकानों और झूलों का आवंटन भी किया गया है, जिससे राजस्व बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पारदर्शी आवंटन व्यवस्था पर जोर

नगर निगम की ओर से दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है। राजस्व सहित अन्य संबंधित विभागों की टीमें मेले के विभिन्न बाजारों में पहुंचकर खाली पड़ी दुकानों का निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारी इन दुकानों के आवंटित नहीं होने के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकें।

अगले वर्ष की तैयारी में भी काम आएगा अनुभव

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मेला समाप्त होने के बाद खाली दुकानों के आवंटन से संबंधित सभी पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। इसमें दुकानों की स्थिति, आवंटन में आने वाली कठिनाइयों और अन्य संबंधित कारणों का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर आगामी वर्ष के मेले के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक दुकानों का आवंटन सुनिश्चित हो सके और नगर निगम की आय में और बढ़ोतरी की जा सके। नगर निगम को उम्मीद है कि बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी आवंटन व्यवस्था और खाली दुकानों के उपयोग से इस वर्ष राजस्व अर्जन का आंकड़ा 5.50 करोड़ रुपये के पार पहुंचाया जा सकेगा।

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