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ACB का शिकंजा, 70 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते कनिष्ठ अभियंता गिरफ्तार

Admin Desk
28 Oct 2026, 07:49 PM
Pramukh Samvad
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10 लाख रुपए के बकाया बिल के भुगतान के बदले कमीशन मांगने का आरोप, तालेड़ा पंचायत समिति परिसर में हुई कार्रवाई

बूंदी। जिले के तालेड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कोटा इंटेलिजेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता (JEN) भानुप्रताप को 70 हजार रुपए की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कनिष्ठ अभियंता एक ठेकेदार के करीब 10 लाख रुपए के बकाया बिल का भुगतान करवाने के बदले कमीशन की मांग कर रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।

बिल भुगतान के बदले 7 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप

एसीबी के डीएसपी चंद्रकंवर के अनुसार, परिवादी ने 7 अक्टूबर को ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके करीब 10 लाख रुपए के बिल का भुगतान फरवरी से लंबित था। आरोप है कि बिल पास करवाने और भुगतान जारी कराने की एवज में कनिष्ठ अभियंता ने कमीशन की मांग की थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, शुरुआत में कथित तौर पर 10 प्रतिशत कमीशन मांगा गया था। बाद में बातचीत के दौरान 7 प्रतिशत कमीशन पर सहमति बनने का आरोप है। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि कनिष्ठ अभियंता ने अपने साथ सहायक अभियंता के लिए भी रिश्वत की मांग की थी।

पुराने बिलों के बदले 10 हजार रुपए लेने का भी आरोप

शिकायत में परिवादी ने आरोप लगाया कि पुराने बिलों को पास करवाने के बदले कनिष्ठ अभियंता पहले ही 10 हजार रुपए ले चुका था। इसके बाद करीब 10 लाख रुपए के बकाया बिल के भुगतान के लिए 70 हजार रुपए की कथित रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद टीम ने नियोजित तरीके से कार्रवाई की तैयारी की।

पंचायत समिति परिसर में रंगे हाथों पकड़ा

बुधवार को तालेड़ा पंचायत समिति परिसर में एसीबी की कोटा इंटेलिजेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए कनिष्ठ अभियंता भानुप्रताप को परिवादी से कथित तौर पर 70 हजार रुपए लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद परिसर में हलचल मच गई। टीम आरोपी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।

सहायक अभियंता की भूमिका की भी जांच

मामले में एसीबी की टीम रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। शिकायत में सहायक अभियंता की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परमिला के पर्यवेक्षण में आरोपी से पूछताछ तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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