उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा- कुश्ती अनुशासन, साहस और युवाओं की ऊर्जा का प्रतीक, खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
कोटा, 4 नवंबर। राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 के तहत आयोजित तीन दिवसीय चंबल राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल का बुधवार को श्रीराम रंगमंच पर भव्य समारोह के साथ समापन हुआ। दंगल में विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अपने दमखम, कौशल और खेल भावना का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित जनप्रतिनिधियों और खेल जगत से जुड़े पदाधिकारियों ने शिरकत की। इस अवसर पर विजेता पहलवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
खेल संस्कृति को नई पहचान दे रहा कोटा

समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि कोटा अब शिक्षा के साथ-साथ खेल संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन और प्रयासों से क्षेत्र में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है। कुश्ती भारतीय परंपरा से जुड़ा ऐसा खेल है, जो युवाओं में अनुशासन, साहस, धैर्य और आत्मविश्वास का विकास करता है। उन्होंने कहा कि दंगल में बेटियों की बढ़ती भागीदारी सकारात्मक बदलाव का संकेत है। आज बेटियां खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
बैरवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों तथा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा का उपयोग खेल, समाज और राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया।
हर जिले में बनेंगे आधुनिक कुश्ती अखाड़े
राजस्थान कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजीव दत्ता ने कहा कि कुश्ती देश की गौरवशाली खेल परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। संघ की योजना प्रदेश के प्रत्येक जिले में अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधुनिक अखाड़े विकसित करने की है, जिससे पहलवानों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसर मिल सकें। उन्होंने खिलाड़ियों के खानपान और पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि राजस्थान में कुश्ती का ढांचा जिस गति से मजबूत हो रहा है, उससे उम्मीद है कि 2036 के ओलंपिक में प्रदेश के पहलवान पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगे।
खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियां गौरव का विषय
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण बदला है। ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की खेलों के प्रति रुचि और राजस्थान कुश्ती संघ के प्रयासों से प्रदेश में कुश्ती को प्रोत्साहन मिला है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विजेता पहलवानों को किया सम्मानित
महापौर अनसूया गोस्वामी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नगर निगम की ओर से दंगल को प्रतिवर्ष और अधिक भव्य बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इससे कोटा को खेल नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। समारोह के समापन पर अतिथियों ने प्रतियोगिता के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को प्रतीक चिह्न एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मेला अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त ओपी मेहरा, महावीर सिंह सिसोदिया, कोषाध्यक्ष तेजेंद्र सिंह बराड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।