कोटा

क्षमावाणी पर्व पर दिगंबर जैन समाज ने दिया आत्मशुद्धि और सद्भाव का संदेश

Desk
04 Oct 2026, 08:57 AM
Pramukh Samvad
News Image
कोटा, 4 अक्टूबर।श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, दादाबाड़ी में क्षमावाणी पर्व के पावन अवसर पर आत्मशुद्धि, आत्ममंथन और आपसी सद्भाव का संदेश दिया गया। संस्था के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने कहा कि क्षमावाणी पर्व आत्मशुद्धि और आत्ममंथन का पावन अवसर है। जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए क्षमा मांगना और दूसरों को हृदय से क्षमा करना ही इस पर्व की सच्ची सार्थकता है। उन्होंने कहा कि क्षमा से मन निर्मल होता है, अहंकार मिटता है और रिश्तों में मधुरता आती है। उत्तम क्षमा को केवल पर्व तक सीमित न रखकर इसे अपने जीवन का संस्कार बनाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी लोगों से आह्वान किया कि मन से वैर-विरोध और द्वेष मिटाकर एक-दूसरे से क्षमा मांगें, क्षमा करें तथा प्रेम, करुणा और सद्भाव के साथ जीवन जीने का संकल्प लें। यही क्षमावाणी पर्व का सच्चा संदेश और आत्मकल्याण का मार्ग है। इस अवसर पर सुधासागर बालिका छात्रावास की अध्यक्षा अर्चना जैन ने समाज एवं समाज जनों के लिए अपना भावपूर्ण संदेश व्यक्त किया: क्षमावाणी पर्व आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का पावन अवसर है। वर्षभर में जाने-अनजाने हमारे मन, वचन या कर्म से किसी को भी ठेस पहुँची हो तो हम हृदय से क्षमा प्रार्थी हैं। ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ केवल शब्द नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और मैत्री को मजबूत करने का संकल्प है। आइए, इस पावन पर्व पर मन के सभी वैर-विरोध मिटाकर क्षमा, करुणा और मानवता को अपने जीवन का आधार बनाएं। अर्चना जैन (अध्यक्ष, सुधासागर बालिका छात्रावास) कार्यक्रम के अंत में सभी प्रबुद्ध जनों एवं श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहकर क्षमा याचना की और समाज में शांति, प्रेम तथा भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
TAGS: ##जैन समाज