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प्रेमानंद महाराज के आश्रम में ‘असली-नकली संत’ विवाद से मचा हड़कंप, शिष्य की मौत के बाद उठे गंभीर सवाल

Sanjay kumar
04 Oct 2026, 01:10 PM
Pramukh Samvad
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वृंदावन, 4 अक्टूबर। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 25 सितंबर को 25 वर्षीय शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं, सेवादारों और वहां सक्रिय लोगों को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदूवादी नेता दिनेश शर्मा फलाहारी ने आश्रम में ‘असली और नकली संतों’ के दो गुट होने तथा भू-माफिया के प्रभाव का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिष्य की मौत के बाद बढ़ा विवाद दीपक लोधी की 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस जांच में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव से मौत की बात सामने आने तथा कमरे से ग्राइंडर मशीन मिलने के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। ‘असली बनाम नकली संत’ का आरोप दीपक की मौत के बाद दिनेश शर्मा फलाहारी ने दावा किया कि केली कुंज आश्रम में दो गुट बन गए हैं। उनके अनुसार, एक ओर वास्तविक साधु-संत हैं, जबकि दूसरी ओर ऐसे लोग सक्रिय हैं जो संतों का वेश धारण कर कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों और जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में शामिल हैं। उन्होंने करीब 15 आश्रमों पर कब्जे का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है। फलाहारी ने यह भी दावा किया कि कथित गतिविधियों से परेशान होकर प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम से अलग होकर करीब 20 किलोमीटर दूर बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम में रहने लगे हैं। उन्होंने आश्रम परिसर में रहने वाले साधु-संतों और सेवादारों के पुलिस सत्यापन की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने और उन्हें Z+ सुरक्षा देने की मांग किए जाने की बात कही है। लापता शिष्यों को लेकर भी उठे सवाल आश्रम से जुड़े कुछ लोगों के लापता होने के आरोपों के बाद उनके परिजनों ने भी चिंता जताई और आश्रम के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। कुछ मामलों में परिजनों की ओर से जांच की मांग उठाई गई। इसी बीच एक नाबालिग शिष्य को पुलिस ने बरसाना से सकुशल बरामद किया है। पुलिस इन घटनाओं को भी अलग-अलग स्तर पर जांच रही है। आश्रम प्रबंधन ने भी उठाए कदम विवाद के बीच आश्रम प्रबंधन की ओर से संदिग्ध सेवादारों और कथित ‘फर्जी जटाधारियों’ के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव करते हुए सफेद पोशाक को अधिकृत सेवा स्टाफ तक सीमित करने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा आश्रम की ओर से भक्तों को लगातार सावधान किया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज या केली कुंज आश्रम के नाम पर जमीन, प्रॉपर्टी डीलिंग, ऑनलाइन या ऑफलाइन दुकान, होटल अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े किसी व्यक्ति पर भरोसा न करें। आश्रम ने इस तरह की गतिविधियों से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया है। पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं पूरे मामले को लेकर मथुरा-वृंदावन पुलिस की कई टीमें जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि जांच में 6 से 7 पुलिस टीमें, तीन सीओ और कई इंस्पेक्टर लगाए गए हैं। पुलिस का मुख्य फोकस दीपक लोधी की मौत की परिस्थितियों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आश्रम से जुड़ी अन्य शिकायतों की जांच पर है। फिलहाल प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर सामने आए आरोपों और दावों के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल पुलिस जांच के निष्कर्षों को लेकर है। दीपक की मौत की वास्तविक वजह और आश्रम से जुड़े अन्य आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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