राजनीति

स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर पलटवार, बोलीं- महिलाओं के प्रति सोच उजागर, ऐसी बयानबाजी समाज का अपमान

Sanjay kumar
21 Oct 2026, 06:20 PM
Pramukh Samvad
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति जुबिन ईरानी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने राहुल गांधी पर महिलाओं के प्रति दकियानूसी सोच रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की ओछी और घटिया बयानबाजी महिलाओं का अपमान है। ईरानी ने कहा कि समाज की जिम्मेदारी है कि महिलाओं के प्रति ऐसी सोच रखने वाले लोगों को किनारे किया जाए।

स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं के प्रति राहुल गांधी का रवैया उनके व्यवहार से स्पष्ट होता है। उन्होंने एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जब बार-बार इस तरह की बातें कही जाती हैं, तो महिलाओं से इस पर टिप्पणी क्यों मांगी जाती है।

महिलाओं के सम्मान को लेकर उठाए सवाल

बीजेपी नेता ने कहा कि भारतीय समाज में महिलाएं सशक्त हैं। चाहे वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हों या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्वयंसेविकाएं, सभी क्षेत्रों में महिलाएं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर की जाने वाली अपमानजनक टिप्पणियां किसी एक संगठन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि समाज की सभी महिलाओं के सम्मान को प्रभावित करती हैं।

ईरानी ने राहुल गांधी पर सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखना हर व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी है।

RSS पर राहुल गांधी के बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने संघ को पुरुषों का ऐसा समूह बताया, जो संविधान के खिलाफ है और महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है। राहुल गांधी का यह बयान संघ प्रमुख मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन के बाद सामने आया।

राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने उन पर निशाना साधते हुए महिलाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण पर सवाल उठाए।

विजयादशमी संबोधन में मोहन भागवत ने क्या कहा?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर में आयोजित वार्षिक विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते हुए कहा था कि केवल सत्ता परिवर्तन से परिस्थितियों में मूलभूत बदलाव नहीं आता। उन्होंने कहा कि सत्ता बदलने के बावजूद अपने स्वार्थों को पूरा करने वाली ताकतें और उनके समर्थक अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभावी बने रह सकते हैं।

भागवत ने अपने संबोधन में भारत, हिंदू समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कमजोर करने के कथित प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का मजबूत होना कुछ स्वार्थी ताकतों के लिए चुनौती बन सकता है।

इस तरह RSS को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी और उस पर स्मृति ईरानी की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। दोनों नेताओं के बयानों के केंद्र में संघ की विचारधारा, महिलाओं की स्थिति और सामाजिक सम्मान जैसे मुद्दे हैं।

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