कोटा, 24 अक्टूबर।
133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 में शनिवार की चांदनी रात देशभक्ति के नाम रही। विजयश्री रंगमंच पर आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर ने अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश के वीर सपूतों और अमर शहीदों को समर्पित इस संगीतमय संध्या में देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच पूरा मेला परिसर राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारों और दर्शकों की तालियों से विजयश्री रंगमंच गूंज उठा।
देशभक्ति गीतों ने जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण सुरेश वाडेकर ने अपनी विशिष्ट गायकी से शहीदों को भावभीनी स्वरांजलि अर्पित की। उन्होंने पारंपरिक गणेश वंदना के साथ संगीतमय संध्या का शुभारंभ किया। इसके बाद प्रस्तुत किए गए देशभक्ति और सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
‘मेरे प्यारे वतन’ और ‘मेरे देश की धरती, सोना उगले’ जैसे देशप्रेम से ओत-प्रोत गीतों ने दर्शकों में राष्ट्रभक्ति का उत्साह भर दिया। वहीं ‘मैं हूं प्रेम रोगी’ और ‘लगी आज सावन की झड़ी’ जैसे लोकप्रिय गीतों ने श्रोताओं को पुरानी यादों में ले जाकर संगीत की यादगार महफिल सजा दी। वाडेकर की सुरीली आवाज और गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों पर दर्शक झूमते नजर आए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ नगर परिषद बूंदी के अध्यक्ष भरत शर्मा, नगर पालिका केशवरायपाटन की अध्यक्ष अनुराधा मलिक, नगर परिषद बूंदी के उपाध्यक्ष संजय भूटानी, नगर परिषद केशवरायपाटन के उपाध्यक्ष आदर्श मालवीय तथा सामाजिक कार्यकर्ता नीरज सुवालका ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर कोटा की महापौर अनुसुइया गोस्वामी और मेला अधिकारी ओपी मेहरा ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
संगीत के जरिए अमर शहीदों को नमन
राष्ट्रीय दशहरा मेले में आयोजित इस विशेष स्वर संध्या ने संगीत, संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। वीर जवानों के त्याग, साहस और बलिदान को समर्पित कार्यक्रम में हर आयु वर्ग के दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। सुरेश वाडेकर की सदाबहार प्रस्तुतियों ने संध्या को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के समापन तक दर्शकों का उत्साह बना रहा। देशभक्ति गीतों और राष्ट्रप्रेम के नारों के बीच विजयश्री रंगमंच पर ऐसा माहौल बना, जिसमें संगीत के सुरों के साथ देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना भी मुखर हुई।