200 महिलाओं एवं बालिकाओं ने ग्रहण की कटार दीक्षा, कटार-तलवार और एयर गन के साथ तीन किलोमीटर तक निकला अनुशासित संचलन
चार घोषवाहिनियों के घोष से गूंजे कोटा के बाजार, स्वास्थ्य-पोषण और सामाजिक जागरूकता का भी दिया संदेश
कोटा, 1 नवंबर। विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की ओर से रविवार को गीताभवन, सब्जी मंडी में कटार दीक्षा एवं शक्ति संचलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वर्गीय अशोक जी सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 महिलाओं एवं बालिकाओं ने कटार दीक्षा ग्रहण की, जबकि लगभग 600 मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की बहनों ने तीन किलोमीटर लंबे शक्ति संचलन में भाग लेकर अनुशासन, संगठन और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
नन्हीं बालिकाओं ने भी लिया दीक्षा में भाग

कार्यक्रम का शुभारंभ संत सानिध्य माताजी नितीअंबा की उपस्थिति में भारत माता, भगवान श्रीराम दरबार एवं मां काली के चित्रों के पूजन-अर्चन और माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा और साहस के प्रतीक स्वरूप कटार दीक्षा प्रदान की गई। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि लगभग सात वर्ष की बालिकाओं दीक्षा, शान्वी और परिधि ने भी उत्साह के साथ कटार दीक्षा ग्रहण की।

स्वास्थ्य और पोषण को बताया सशक्त मातृशक्ति का आधार
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. पूनम व्यास ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषण पर जोर देते हुए कहा कि मातृशक्ति को अपने दैनिक आहार में प्रोटीन, कैल्शियम, दूध और अंकुरित अनाज को शामिल करना चाहिए। नियमित योगाभ्यास और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और मजबूत मातृशक्ति ही सशक्त आने वाली पीढ़ी का निर्माण कर सकती है।
सामाजिक जागरूकता और सतर्कता का किया आह्वान
मुख्य वक्ता केंद्रीय दुर्गावाहिनी सहसंयोजिका श्रीमती पिंकी पंवार ने लव जिहाद के मुद्दे को गंभीर बताते हुए महिलाओं से सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक एवं सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने मातृशक्ति की सामाजिक भूमिका और संगठन की महत्ता पर भी जोर दिया। वहीं कुंती मूंदड़ा ने बहनों एवं बेटियों से ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि बेटियों में साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करना आवश्यक है।
कटार, तलवार और एयर गन के साथ निकला शक्ति संचलन
कटार दीक्षा कार्यक्रम के बाद दुर्गावाहिनी संयोजिका हितिशा सिंघाड़िया के नेतृत्व में भव्य शक्ति संचलन निकाला गया। इसमें करीब 600 महिलाओं एवं दुर्गावाहिनी की बहनों ने भाग लिया। संचलन में सबसे आगे बजरंग दल की सुरक्षा वाहिनी रही। इसके पीछे भगवा ध्वज के साथ मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की बहनें दो-दो की कतार में अनुशासित रूप से आगे बढ़ीं। महिलाओं ने कटार, तलवार और एयर गन के साथ सहभागिता कर आत्मरक्षा एवं साहस का संदेश दिया।
चार घोषवाहिनियों की धुन से गूंजे शहर के बाजार
शक्ति संचलन का विशेष आकर्षण चार घोषवाहिनियां रहीं। इनके सामूहिक, मधुर और लयबद्ध घोष से शहर के बाजार गूंज उठे। घोष की अनुशासित ध्वनि और कतारबद्ध संचलन ने मार्ग में मौजूद नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया। संचलन गीताभवन से प्रारंभ होकर सब्जी मंडी, अग्रसेन बाजार, बख्शपुरी कुंड की गली, रामपुरा एवं आर्य समाज रोड होते हुए पुनः गीताभवन पहुंचकर संपन्न हुआ। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग में प्रतिभागियों ने अनुशासन और संगठन का परिचय दिया।
कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती शशि मित्तल ने की। मंच पर चित्तौड़ प्रांत दुर्गावाहिनी सहसंयोजिका शोभा पारेता, विश्व हिंदू परिषद कोटा महानगर उपाध्यक्षिका कुंती मूंदड़ा, महानगर अध्यक्ष श्रीनाथ मित्तल, उपाध्यक्ष सुरेश मीणा, मंत्री आशीष शर्मा, सहमंत्री योगेश बत्रा, प्रांत के मुकेश जोशी एवं विभाग सहसंयोजिका मधुलता भास्कर उपस्थित रहे। मातृशक्ति कोटा महानगर संयोजिका रानी पारीक एवं दुर्गावाहिनी संयोजिका हितिशा सिंघाड़िया की आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। हितिशा सिंघाड़िया ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर नीता गुर्जर सहित विश्व हिंदू परिषद, मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आत्मविश्वास और आत्मरक्षा को बढ़ावा देने का संदेश
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में आत्मविश्वास, आत्मरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। कटार दीक्षा और शक्ति संचलन के माध्यम से मातृशक्ति को संगठित होकर सामाजिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।