कोटा, 28 अक्टूबर।
कोटा के सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 के तहत किसान रंगमंच पर देर रात तक संगीत, नृत्य और उल्लास का दौर जारी रहा। सांस्कृतिक संध्या में देश के कोने-कोने से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक और आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को भोर तक बांधे रखा। पूरा रंगमंच तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों के उत्साह से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की वंदना से हुआ। इसके पश्चात "मेरे काटो सकल क्लेश जी..." भजन की प्रस्तुति से पूरा किसान रंगमंच भगवान गणपति के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।
भक्ति के बाद सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड और लोक गीतों का तड़का लगा। गायक कलाकारों ने जैसे ही प्रसिद्ध गीत "हो मुबारक तुझे तो तेरा प्यार मिल गया..." की सुरीली तान छेड़ी, दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद "बिल्लो रानी..." गाने पर कलाकारों द्वारा दी गई ऊर्जावान और शानदार नृत्य प्रस्तुति ने हर किसी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राजस्थानी और सदाबहार गीतों का संगम रहा। "मैं तो रास्ते से जा रहा था, भेलपुरी खा रहा था..." और "अ आ इ ई मेरा दिल ना तोड़ो..." जैसे बॉलीवुड के सुपरहिट नगमों पर कलाकारों की थिरकन ने माहौल में मस्ती भर दी। वहीं, जब मंच पर सुप्रसिद्ध लोकगीत "मोरनी बागां मं बोली आधी रात मां..." पर कलाकारों ने पारम्परिक और आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।