कोटड़ी नहर में मंगलवार शाम हुआ था हादसा, NDRF और SDRF की टीमों ने बुधवार सुबह दोबारा शुरू किया सर्च ऑपरेशन: मृतकों में दो चचेरे भाई भी शामिल
कोटा। राजस्थान के कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोटड़ी नहर में नाव पलटने से चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार शाम स्टील ब्रिज के पास हुए हादसे के बाद लापता युवकों की तलाश में जुटी NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस की टीमों ने करीब 18 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार को चारों के शव बरामद कर लिए। हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह 5:30 बजे फिर से तलाश शुरू की गई, जिसके बाद एक-एक कर चारों युवकों के शव नहर से बाहर निकाले गए।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव कोटड़ी नहर में पलट गई थी। उस समय नहर में पानी का बहाव तेज था। हादसे में नाव पर सवार सात लोग पानी में बह गए थे। इनमें से तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि चार युवक लापता हो गए। इसके बाद से ही बचाव दलों की ओर से नहर में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा था।
पहले दो युवकों के शव मिले, बाद में अन्य दो की तलाश पूरी
बुधवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू होने के बाद घटनास्थल से करीब 100 मीटर आगे विकास वर्मा और सूरज सिंह के शव मिले। इसके बाद NDRF और SDRF की टीमों ने नहर के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी जारी रखी। कुछ घंटे बाद एशू जोशी और राहुल जोशी के शव भी बरामद कर लिए गए। मृतकों की पहचान विकास वर्मा उर्फ सुमन (22), सूरज सिंह (22), एशू जोशी (19) और राहुल जोशी (18) के रूप में हुई है। एशू और राहुल आपस में चचेरे भाई थे।
चारों शव मिलने के बाद परिजनों में शोक छा गया। हादसे के बाद से ही परिजन और स्थानीय लोग लापता युवकों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, कैसे पलटी नाव
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, नवमी की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु नाचते-गाते दुर्गा प्रतिमा को विसर्जन के लिए नहर पर लेकर पहुंचे थे। प्रतिमा बड़ी होने के कारण उसे विसर्जित करने के लिए नाव के जरिए नहर के बीच ले जाया जा रहा था। इस दौरान नाव पर कई लोग सवार थे और किनारे पर मौजूद श्रद्धालु जयकारे लगा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि नहर में पानी का बहाव काफी तेज था। नाव जब नहर के बीच पहुंची और प्रतिमा विसर्जन के लिए नाव के किनारे की ओर गतिविधि हुई, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। नाव पलटते ही सभी लोग पानी में गिर गए। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, चार युवक नाव के नीचे फंस गए थे। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज बहाव और पानी के भीतर वे दिखाई नहीं दिए। इसके बाद तैरकर बाहर निकले लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
प्रशासन और बचाव दलों ने चलाया संयुक्त अभियान
एडीएम विकास मल्होत्रा के अनुसार, चारों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार शाम से ही SDRF, NDRF और सिविल डिफेंस की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी थीं। स्थानीय गोताखोरों ने भी तलाश अभियान में सहयोग किया।
पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए एमबीएस अस्पताल भिजवा दिया। अधिकारियों के अनुसार, परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उन्हें सौंपे जाएंगे।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ यह हादसा पूरे क्षेत्र में शोक का कारण बन गया। चार युवकों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।