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अग्निवीरों के लिए नई व्यवस्था, 6 साल तक सेवा का अवसर; नियमित सैनिक बनने का भी रास्ता खुला

Sanjay kumar
04 Nov 2026, 08:45 PM
Pramukh Samvad
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल और नियमित सैनिक बनने के अवसर को लेकर नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर सीधे नियमित सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। वहीं शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा।

चार साल के बाद दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल

नई व्यवस्था के तहत चार साल की प्रारंभिक सेवा पूरी करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का दूसरा सेवा कार्यकाल ऑफर किया जाएगा। इस प्रकार उन्हें कुल छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिलेगा। इस अतिरिक्त अवधि के दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक और बढ़ी हुई सेवा निधि का लाभ भी मिलेगा।

नियमित सैनिक बनने का मिलेगा अवसर

सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों का चयन मेरिट के आधार पर नियमित सैनिकों के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा दो साल का दूसरा सेवा कार्यकाल पूरा करने वाले शेष अग्निवीरों को भी नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। हालांकि इसके लिए उनकी इच्छा और निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

अग्निपथ योजना की समीक्षा के बाद फैसला

जनरल सुब्रमणि ने बताया कि 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन और समय-समय पर समीक्षा की जानी थी। पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि पूरी होने के करीब आने पर उनके प्रदर्शन, शारीरिक दक्षता, अनुशासन, मनोबल, प्रेरणा और तकनीकी कौशल का आकलन किया गया। समीक्षा में उनका प्रदर्शन सकारात्मक पाया गया, जिसके बाद रक्षा बलों की परिचालन जरूरतों और संगठनात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया।

भर्ती प्रक्रिया में भी हुए बदलाव

सीडीएस ने बताया कि अग्निपथ योजना के बाद देश के लगभग सभी जिलों तक सेना की भर्ती प्रक्रिया का दायरा बढ़ा है। भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। अब पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसके बाद शारीरिक दक्षता और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होती है।

शिक्षा और कौशल विकास पर भी जोर

अग्निवीरों की सेवा अवधि के दौरान उनकी शैक्षणिक योग्यता और व्यावसायिक कौशल बढ़ाने के लिए भी अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। दसवीं पास अग्निवीरों को बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने तथा बारहवीं पास अग्निवीरों को उच्च शिक्षा हासिल करने के अवसर दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे के तहत कौशल प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

महिला अग्निवीरों के लिए भी बढ़े अवसर

सीडीएस ने बताया कि रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में महिलाओं के लिए भी अवसरों का विस्तार किया गया है। अग्निपथ योजना की समीक्षा के बाद लिया गया यह निर्णय सेना की परिचालन क्षमता, संगठनात्मक जरूरतों और अग्निवीरों के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार की इस नई व्यवस्था से अग्निवीरों को लंबी अवधि तक सेवा देने और नियमित सैनिक बनने के अधिक अवसर मिलने का रास्ता खुला है।

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