जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने जयपुर स्थित राजभवन में सुप्रसिद्ध नेत्र सर्जन, लेखक एवं राष्ट्र चिंतक डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय की नवीनतम हिंदी पुस्तक ‘ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047 : विकसित भारत का प्रिस्क्रिप्शन – एक नेत्र सर्जन की कलम से’ का विमोचन किया। इस अवसर पर डॉ. पाण्डेय ने पुस्तक की प्रथम प्रति राज्यपाल को भेंट की तथा उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया।
पुस्तक की अवधारणा और विषयवस्तु की सराहना करते हुए राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, नवाचार, युवाशक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक द्वारा राष्ट्र की समस्याओं को निदान, उपचार और रोकथाम की दृष्टि से समझते हुए समाधान प्रस्तुत करना एक अभिनव एवं विचारोत्तेजक प्रयास है।
‘ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047’ में विकसित, स्वस्थ, आत्मनिर्भर, समृद्ध और वैश्विक स्तर पर अग्रणी भारत के निर्माण की परिकल्पना को चिकित्सा विज्ञान के विशिष्ट दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में लेखक ने चिकित्सा क्षेत्र में अपनाई जाने वाली रोग की पहचान, निदान, उपचार और रोकथाम की अवधारणाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विचार किया है।
पुस्तक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन, युवा शक्ति, नारी सशक्तीकरण, सामाजिक समरसता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और नागरिक कर्तव्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसमें समस्याओं के विश्लेषण के साथ-साथ उनके समाधान में आम नागरिक की भूमिका को भी प्रमुखता दी गई है। लेखक का मानना है कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्वों को समझते हुए राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय योगदान दे।
डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिस प्रकार एक चिकित्सक किसी बीमारी के केवल लक्षणों का उपचार नहीं करता, बल्कि उसके मूल कारणों की पहचान कर समुचित उपचार और भविष्य में उसकी पुनरावृत्ति रोकने की योजना बनाता है, उसी प्रकार राष्ट्र के सामने मौजूद चुनौतियों को भी व्यापक दृष्टिकोण से समझने और उनके स्थायी समाधान तलाशने की आवश्यकता है। इसी विचार को आधार बनाकर पुस्तक का नाम ‘ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047’ रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक का मूल संदेश है कि विकसित भारत 2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 148 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। प्रत्येक नागरिक यदि अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, अनुशासन, उत्कृष्टता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे, तो विकसित भारत का सपना एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय तीन दशकों से अधिक समय से नेत्र चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, जनजागरूकता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे कोटा स्थित सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं लेसिक लेजर सेंटर के निदेशक हैं। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वे लेखन, युवा प्रेरणा, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी निरंतर कार्य कर रहे हैं।