कोटा ग्रामीण जिला पुलिस ने खेतों और ट्रांसफार्मरों से बिजली के तार चोरी करने वाले एक सक्रिय अंतरराज्यीय मोग्या/बागरी गिरोह का खुलासा करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की विशेष 'चोरी रोधक सेल' (Anti Theft Cell) और थाना टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगनाओं समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1200 किलोग्राम से अधिक 33 केवी एवं 11 केवी के बिजली के तार तथा वारदात में प्रयुक्त एक स्विफ्ट डिजायर कार (नंबर RJ20CA6925) बरामद की गई है।

घटना का पृष्ठभूमि एवं गंभीर स्थिति:
हाल ही में कोटा ग्रामीण जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों (जैसे- कैथून, सीमल्या, दीगोद, देवली माँझी) तथा पड़ोसी जिला बारां (अन्ता, बारां सदर) के ग्रामीण इलाकों में खेतों और ट्रांसफार्मरों से बिजली के तार चोरी होने की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई थी। अज्ञात चोरों द्वारा रात के समय खेतों से लगातार तार काटे जा रहे थे, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया था।
विशेष टीमों का गठन एवं तकनीकी अनुसंधान:
बढ़ती वारदातों की रोकथाम हेतु जिला पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निकट निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा एवं वृत्ताधिकारी वृत कोटा ग्रामीण अरुण कुमार के सुपरविजन में विशेष टीमों का गठन किया गया। इसमें थानाधिकारी कैथून, थानाधिकारी सीमल्या तथा साइबर सेल व जिला विशेष टीम के चुनिंदा अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल किया गया।
* टीम द्वारा घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया गया और तकनीकी डाटा, सीसीटीवी फुटेज (अभय कमांड सेंटर), टोल प्लाजा का डेटा तथा पुराने चालानशुदा अपराधियों एवं कबाड़ियों की गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया गया।
* मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर यह पता लगाया गया कि कोटा ग्रामीण और बारां जिले का सक्रिय मोग्या/बागरी गिरोह इन वारदातों को अंजाम दे रहा है।वा
रदात का तरीका (Modus Operandi):
* यह गिरोह दिन के समय आसपास के खेतों की रेकी करता था और बिजली आपूर्ति की स्थिति तथा ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे रास्तों की पहचान करता था जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं होते थे।
* रात के समय गाड़ी से खेतों पर पहुंचकर गिरोह के सदस्य ट्रांसफार्मर या बिजली लाइनों पर रस्सी फेंककर स्पार्किंग के माध्यम से करंट की स्थिति जाँचते थे।
* इसके बाद वे ट्रांसफार्मर का कनेक्शन काटने के बाद खंभे पर चढ़कर तेजी से तार काट देते थे, जो जमीन पर लटक जाते थे।
* काटे गए तारों को इकट्ठा कर गाड़ी में लोड किया जाता था और तुरंत कोटा व बारां के कबाड़ियों को 100 से 200 रुपये प्रति किलो के भाव में बेचकर सारा लेन-देन नकद (कैश) में किया जाता था।
* पूछताछ में सामने आया कि पिछले कुछ महीनों में इस गिरोह द्वारा 100 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपीगण:
1. पूरन पुत्र प्रहलाद (जाति बागरी), निवासी- भांडाहेड़ा, थाना कैथून (मुख्य सरगना)
2. गूलू पुत्र महेन्द्र (जाति बागरी), निवासी- भांडाहेड़ा, थाना कैथून
3. सुल्तान पुत्र डालू (जाति बागरी), निवासी- रायथल, थाना सीसवाली, बारां
4. शफीक पुत्र ख्वाजू (जाति मुसलमान), निवासी- बोम्बे योजना, सुभाननगर, कोटा (कबाड़ी / चोरी का माल खरीदने वाला)
5. मोहम्मद जाहिद पुत्र मोहम्मद हनीफ (जाति मुसलमान), निवासी- कोटड़ी, कोटा (कबाड़ी / चोरी का माल खरीदने वाला)
फरार आरोपी एवं अन्य:
गिरोह के अन्य सदस्य जैसे हरीश पुत्र सतवारी, सुमन उर्फ काबो, अमन, रघुवीर, जीतू उर्फ जितेन्द्र, सुल्तान उर्फ भूरिया, महेन्द्र, धनराज, नाथूलाल एवं अन्य संदिग्ध कबाड़ियों की तलाश जारी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
बरामदगी:
1200 किलो से अधिक 33 केवी एवं 11 केवी के विद्युत तार (तांबा/एल्युमीनियम/जर्मन तार)।
वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (नं. RJ20CA6925)**।
सराहनीय भूमिका (पुलिस टीम):
इस सफल गिरफ्तारी में साइबर सेल और सीमल्या थाना टीम के अधिकारियों/कर्मचारियों (विशेष रूप से सउनि भूपेन्द्र हाडा, कानि. गौतम पंकज, हेमंत यादव, प्रकाश, सचिन, अनिल, चालक और सीमल्या थाना स्टाफ) की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही है।