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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका, डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत; अब्दुल अल-सयद बने पहले मुस्लिम सीनेटर

Sanjay kumar
04 Nov 2026, 09:07 PM
Pramukh Samvad
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वॉशिंगटन। अमेरिका में हुए 2026 के मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बढ़त हासिल कर अमेरिकी राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। इस चुनाव में मतदाताओं ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों, ईरान के साथ युद्ध, महंगाई, आव्रजन संबंधी सख्ती और सरकार के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। चुनाव परिणामों को ट्रंप के राजनीतिक नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम के रूप में इतिहास रच दिया।

महंगाई और युद्ध बने ट्रंप की हार की बड़ी वजह

चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे जीवन-यापन की बढ़ती लागत, पेट्रोल-डीजल की महंगाई और ईरान के साथ युद्ध को प्रमुख कारण माना जा रहा है। मतदाताओं में ट्रंप प्रशासन की आर्थिक और आव्रजन नीतियों को लेकर असंतोष देखने को मिला। विपक्ष ने इन मुद्दों को चुनाव प्रचार में प्रमुखता से उठाया। ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट और उनके प्रशासन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने भी रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ाईं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप ने चुनाव को अपनी लोकप्रियता और नेतृत्व की परीक्षा बना दिया था, लेकिन नतीजे उनकी उम्मीदों के विपरीत रहे।

अब्दुल अल-सयद ने रचा अमेरिकी राजनीति में इतिहास

मिशिगन से जीत दर्ज करने वाले अब्दुल अल-सयद की सफलता इस चुनाव का एक बड़ा आकर्षण रही। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम के रूप में पहचान बनाई। अल-सयद ने मिशिगन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की है तथा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से रोड्स स्कॉलर के रूप में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। उनके चुनाव अभियान में आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, जीवन-यापन की लागत कम करना, इजरायल को अमेरिकी सैन्य सहायता समाप्त करना और चुनावी फंडिंग में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने जीत के बाद कहा कि जनता ने जिस भरोसे, उम्मीद और संघर्ष की भावना के साथ उनका साथ दिया है, उसी भावना को लेकर वह वॉशिंगटन में लोगों की सेवा करेंगे।

डेमोक्रेट्स की जीत से अमेरिकी राजनीति में नए समीकरण

डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद अमेरिकी संसद में सत्ता का संतुलन बदल गया है। प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेट्स की सफलता से ट्रंप प्रशासन के लिए आने वाले समय में नीतिगत फैसले लेना आसान नहीं होगा। संसद में विपक्ष की मजबूत स्थिति राष्ट्रपति के फैसलों पर निगरानी और नियंत्रण की भूमिका को बढ़ाएगी। चुनाव में टेक्सास और दक्षिण कैरोलिना जैसे राज्यों में भी डेमोक्रेट्स को अप्रत्याशित सफलता मिली। ट्रंप समर्थित कई उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी मतदाता आर्थिक स्थिति, विदेश नीति और सरकार के कामकाज जैसे मुद्दों पर सत्ता में बैठे नेतृत्व से जवाब चाहते हैं।

हार के बाद ट्रंप ने दिया मिलकर काम करने का संकेत

रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश के हित में दोनों दलों को साथ आना चाहिए। हालांकि, चुनाव परिणामों ने ट्रंप के नेतृत्व और MAGA राजनीति के भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत भूमिका, ट्रंप प्रशासन की नीतियों और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकती है।

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