कोटा

राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026: कोटा में खड़े हुए 105 फीट ऊंचे रावण सहित तीनों पुतले, 3डी तकनीक से दिखेगा दशानन का अट्टहास

Sanjay kumar
17 Oct 2026, 09:03 PM
Pramukh Samvad
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कोटा, 17 अक्टूबर। राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 के तहत 20 अक्टूबर को कोटा के दशहरा मैदान में रावण दहन किया जाएगा। इसके लिए 105 फीट ऊंचे रावण और 72-72 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के विशालकाय पुतले तैयार कर मैदान में स्थापित कर दिए गए हैं। इस बार रावण का पुतला 3डी तकनीक और यांत्रिक गतिविधियों से लैस है, जो दहन से पहले अपनी गर्दन घुमाने, आंखें झपकाने, मूंछें हिलाने, तलवार चलाने और अट्टहास करने जैसे करतब दिखाएगा।

महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बताया कि शनिवार मध्यरात्रि 12 बजे नगर निगम की टीम और निर्माण अनुभाग के अभियंताओं की देखरेख में पुतलों को खड़ा करने का कार्य शुरू किया गया। करीब 45 मजदूरों और अधिकारियों की टीम ने पूरी रात काम किया और रविवार तड़के लगभग 7 बजे तीनों पुतलों को सुरक्षित रूप से स्थापित कर दिया। मजबूत लोहे के ढांचे के कारण इस बार पुतलों को खड़ा करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सुगम रही।

मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि पुतलों को स्थापित करने के लिए 100 टन और 65 टन क्षमता वाली क्रेन सहित हाइड्रा की मदद ली गई। इस कार्य के लिए इंदौर से तीन भारी-भरकम क्रेन मंगवाई गई थीं। विशेष रूप से तैयार किए गए मजबूत लोहे के स्ट्रक्चर की सहायता से पुतलों को सुरक्षित तरीके से खड़ा किया गया।

3डी तकनीक से जीवंत होगा रावण का स्वरूप

इस बार दशहरा मेले में रावण का पुतला दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। दिल्ली-एनसीआर के कारीगर अनीस की देखरेख में तैयार किए गए पुतले में विशेष यांत्रिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। रावण दहन से पहले दशानन अपनी गर्दन को 360 डिग्री तक घुमाएगा। इसके साथ ही उसकी आंखें झपकेंगी, मूंछें हिलेंगी और हाथ में पकड़ी विशाल तलवार चलती हुई दिखाई देगी। पुतले से निकलने वाला भयानक अट्टहास भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

8 टन लोहे और 500 बांस से तैयार हुए पुतले

रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के निर्माण में लगभग दो से ढाई महीने तक 15 से 20 कारीगर जुटे रहे। पुतलों को तैयार करने में करीब 8 टन लोहे, 500 बांस की खपच्चियों, 1500 मीटर वेलवेट कपड़े और तीन क्विंटल रस्सी का उपयोग किया गया है। इसके अलावा जापानी कागज, रद्दी, गत्ते और अन्य सामग्री से पुतलों को आकर्षक स्वरूप दिया गया है।

पुतलों को देखने उमड़ रहे शहरवासी

दशहरा दहन से पहले शहरवासियों को तीन दिनों तक दशहरा मैदान में स्थापित विशालकाय पुतलों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। शनिवार को मैदान में पुतलों को देखने और उनके साथ सेल्फी लेने के लिए स्थानीय नागरिकों और युवाओं की भीड़ जुटी रही। पुतलों की सुरक्षा और आयोजन की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए दहन स्थल पर सुरक्षाकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है। 20 अक्टूबर को होने वाले रावण दहन को लेकर शहरवासियों में उत्साह बना हुआ है।

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