लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला घटनास्थल पहुंचे, बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए; शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी लिया जायजा
कोटा, 20 अक्टूबर। राजस्थान के कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 80 फीट रोड स्थित स्टील ब्रिज के पास चंबल की दायीं मुख्य नहर में प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से चार युवक गहरे पानी में लापता हो गए, जबकि तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नगर निगम की रेस्क्यू टीम और गोताखोरों की मदद से व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहुंचे घटनास्थल, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के निर्देश
कोटा नहर हादसे की जानकारी मिलने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरा दुख व्यक्त किया और बचाव एवं तलाशी अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। हादसे की गंभीरता को देखते हुए वे घटनास्थल पर पहुंचे और वहां चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लापता युवकों की तलाश के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए प्रशासन को पूरी तत्परता के साथ बचाव कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। बिरला ने लापता युवकों के सकुशल मिलने की कामना की।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिगड़ा नाव का संतुलन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के संजय नगर-बी निवासी यश जोशी उर्फ यशू, राहुल जोशी, सूरज सिंह उर्फ गोलू, मान कंवर और दीपक सहित कैथून थाना क्षेत्र के खेड़ारामपुर निवासी विकास वर्मा नवरात्र की नवमी की पूजा-अर्चना के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करने के लिए सीसीएच (सिटी सेंटर हाइट) बिल्डिंग के सामने स्थित दायीं मुख्य नहर के घाट पर पहुंचे थे। यहां कुछ नाविक पैसे लेकर प्रतिमाओं का विसर्जन करवा रहे थे। करीब चार फीट ऊंची प्रतिमा को लेकर सभी नाव पर सवार हुए और विसर्जन के लिए नहर के बीच की ओर चले गए।
नाव पलटते ही नहर में गिरे लोग, चार युवक लापता
प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए जैसे ही नाविक ने उसे पानी में झुकाया, नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। हादसे के दौरान नाव पर सवार लोग पानी में गिर गए। मान कंवर, दीपक और नाविक किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन यश जोशी, राहुल जोशी, सूरज सिंह और विकास वर्मा पानी में लापता हो गए। घटनास्थल पर नहर की गहराई करीब 40 से 50 फीट बताई गई है, जिससे बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और गोताखोरों का तलाशी अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम की गोताखोर टीम और एसडीआरएफ सहित अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीमों ने रबड़ बोट और गोताखोरों की मदद से सीसीएच बिल्डिंग के सामने नहर से लेकर उम्मेदगंज तालाब तक लापता युवकों की तलाश शुरू की। बचाव कार्य को सुगम बनाने के लिए नहर में पानी का प्रवाह बंद करवाया गया। नहर के बीच निर्माण कार्य वाले स्थान पर जाली भी लगाई गई। देर रात तक चारों युवकों का पता नहीं चल पाया था और तलाशी अभियान जारी था।
सूचना मिलते ही घटनास्थल पहुंचे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर
हादसे के समय शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर कसार में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही वे कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से हादसे तथा बचाव अभियान की जानकारी ली। साथ ही जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए, ताकि लापता युवकों की तलाश के प्रयासों में तेजी लाई जा सके।
निर्धारित विसर्जन घाट नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद नहर किनारे प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर नाव के माध्यम से प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा था, वहां प्रशासन की ओर से कोई निर्धारित विसर्जन घाट नहीं था। मौके पर पहले से सुरक्षाकर्मी, गोताखोर, बचाव दल और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं थे। जबकि इस स्थान पर हर साल गणेश महोत्सव और नवरात्र के बाद बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। घटना ने प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है।
प्रशासन की अपील—निर्धारित घाटों पर ही करें प्रतिमा विसर्जन
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रतिमा विसर्जन के लिए किशोरपुरा घाट पर व्यवस्था की गई थी, लेकिन दुर्घटना वाला स्थान निर्धारित विसर्जन घाट नहीं था। इसी कारण वहां सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रतिमाओं का विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित घाटों पर ही करें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
पुलिस ने संभाली व्यवस्था, मौके पर जुटी भीड़
हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पुलिस ने भीड़ को घाट की ओर जाने से रोकते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक स्थान खाली करवाया। सड़क पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए वाहनों को व्यवस्थित करवाया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रहकर बचाव अभियान तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए रहीं।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहे मौजूद
घटनास्थल पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम, अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग रवि वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय चंचल मिश्रा, यातायात डीएसपी शक्ति सिंह, डीएसपी हिमांशु, डीएसपी मनीष, बोरखेड़ा थानाधिकारी अजीत बागडोलिया, नयापुरा थानाधिकारी राजपाल सिंह, गुमानपुरा थानाधिकारी सुनील कुमार और एसडीआरएफ निरीक्षक एकता हाड़ा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
चारों युवकों की तलाश जारी
सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार, हादसे में लापता चारों युवकों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने भी बताया कि नगर निगम के गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीमों की सहायता से तलाशी अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता युवकों का पता लगाना और बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।