कोटा, 25 अक्टूबर।
राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 के द्वितीय चरण के अंतर्गत मेला परिसर स्थित 'किसान रंगमंच' पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय एवं आमंत्रित कलाकारों ने अपनी सुमधुर गायकी और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। रंग-बिरंगी रोशनी और संगीत की मधुर तानों के बीच कलाकारों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पूर्व पार्षद कमलकांत शर्मा, संजय विश्वास, प्रदीप कसाना तथा जितेंद्र सिंह बतौर अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत मेला समिति एवं निगम प्रशासन की ओर से पारंपरिक रूप से किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज़ भगवान श्री गणेश की आराधना 'देवा ओ देवा गणपति देवा...' की सुमधुर वंदना से हुआ, जिसने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। इसके पश्चात गायकों ने सदाबहार हिंदी गीत 'आने से उसके आए बहार...' की सुरीली प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच पर नृत्य कलाकारों ने भी अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 'तुझ पर बलिहारी जाऊं कसम राम की...' गाने पर कलाकारों द्वारा दी गई भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद 'मैं हूं खलनायक...' गीत पर कलाकारों के समूह ने ऊर्जावान ग्रुप डांस प्रस्तुत कर रंगमंच पर जबरदस्त तालियां बटोरीं।
संध्या के अंतिम पड़ाव में राजस्थानी और लोकप्रिय लोकगीतों का जादू सिर चढ़कर बोला। 'म्हाने लागे रूपालो...' और 'रेशम का रुमाल गले में...' जैसे प्रसिद्ध गीतों की लय पर कलाकारों के शानदार लोकनृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान किसान रंगमंच दर्शकों की करतल ध्वनि और उत्साह से सराबोर रहा।