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मध्य प्रदेश में जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट का दूसरा चरण पूरा, मुख्यमंत्री ने बड़े बाड़े में छोड़ा 8 वन्यजीवों का कुनबा

Sanjay kumar
13 Oct 2026, 09:34 PM
Pramukh Samvad
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भोपाल (मध्यप्रदेश)। मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार क्षेत्र में जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 जंगली भैंसों को छोटे बाड़े से बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया। इनमें 6 मादा और 2 नर जंगली भैंसे शामिल हैं। करीब 100 वर्षों बाद मध्य प्रदेश में जंगली भैंसों की वापसी हुई है।

मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले के गढ़ी-सुपखार पहुंचकर पुनर्स्थापन अभियान के दूसरे चरण के तहत जंगली भैंसों को बड़े बाड़े में छोड़ा। इन वन्यजीवों को पिछले चार महीनों से लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र में बनाए गए छोटे बाड़े में विशेष निगरानी और क्वारंटाइन में रखा गया था। अब इन्हें लगभग 17 हेक्टेयर क्षेत्र में बने बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया गया है, जहां इनके अनुकूलन और संरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

असम से लाए गए जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट

मध्य प्रदेश में जंगली भैंसों की वापसी के लिए असम से इन्हें लाया गया था। इस अभियान में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का सहयोग भी मिला। कान्हा के सुपखार क्षेत्र में पहले चरण के दौरान 28 अप्रैल को चार और 9 मई को चार जंगली भैंसों को छोटे बाड़े में रखा गया था। इस प्रकार कुल आठ जंगली भैंसों को पुनर्स्थापन कार्यक्रम के तहत यहां बसाया गया। अब दूसरे चरण में इन्हें बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया गया है।

लुप्तप्राय वन्यजीवों के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के साथ उनके लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में विलुप्त और दुर्लभ वन्यजीवों को फिर से बसाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व देश और दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां बारहसिंगा सहित विभिन्न वन्यजीवों का संरक्षण किया जा रहा है। जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट से क्षेत्र की जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और पहल की गई है।

नौरादेही में भी वन्यजीव संरक्षण की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में 7 अक्टूबर को नौरादेही क्षेत्र को रानी दुर्गावती के नाम पर नया टाइगर रिजर्व बनाने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में अनुकूल वातावरण तैयार करने और दुर्लभ प्रजातियों को पुनर्स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बालाघाट में विकास और संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र में विकास को गति देने के साथ वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करना भी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वह पिछले पांच महीनों में चार बार बालाघाट आ चुके हैं और क्षेत्र में विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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