अभय कमांड सेंटर, साइबर थाना, न्यू मेडिकल कॉलेज और कोटा थर्मल का किया निरीक्षण, लाइव कैमरों से अपराध नियंत्रण की सराहना
कोटा, 9 अक्टूबर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपने कोटा प्रवास के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, पुलिसिंग, चिकित्सा सेवाओं और विद्युत उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अभय कमांड सेंटर और साइबर थाने का निरीक्षण कर अपराध नियंत्रण एवं साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। वहीं, न्यू मेडिकल कॉलेज में बैठक लेकर सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह डिजिटल बनाने, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन का निरीक्षण कर विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयले की उपलब्धता और विभिन्न इकाइयों के संचालन की जानकारी भी ली।
अभय कमांड सेंटर की कार्यप्रणाली की सराहना
मुख्य सचिव ने कोटा के अभय कमांड सेंटर पहुंचकर शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों की निगरानी की व्यवस्था देखी। अधिकारियों ने उन्हें लाइव कैमरा फीड के आधार पर अपराधों पर नियंत्रण और घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के उदाहरण प्रस्तुत किए। किशोर सागर तालाब और सीएडी सर्किल पर मारपीट की घटनाओं के साथ फूड डिलीवरी बॉय के साथ हुई मारपीट के मामलों में कैमरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की कार्रवाई के वीडियो भी दिखाए गए।
अधिकारियों ने बताया कि कैमरों के माध्यम से किसी घटना की जानकारी मिलने पर संबंधित पुलिस टीम को सक्रिय किया जाता है और सामान्य परिस्थितियों में 4 से 6 मिनट के भीतर टीम घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई करती है। मुख्य सचिव ने निगरानी व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ड्रोन भी उड़ाया और कैमरों के जरिए शहर की गतिविधियों पर नजर रखने वाली टीम से संवाद किया। उन्होंने अभय कमांड सेंटर की कार्यप्रणाली और तकनीक के प्रभावी उपयोग की सराहना की।
साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और विभागीय समन्वय पर जोर
मुख्य सचिव ने सीएडी सर्किल स्थित साइबर थाने का निरीक्षण कर साइबर अपराधों की रोकथाम, दर्ज मामलों, अनुसंधान, चार्जशीट और आरोपियों की गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने साइबर अपराधों के मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, बैंक और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में बैंकों से समय पर रिपोर्ट मिलना बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ितों की राशि बचाने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में देरी न हो। इस दिशा में राज्य स्तर पर बैंकर्स, साइबर क्राइम अधिकारियों और विशेष लोक अभियोजकों के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। जिला स्तर पर भी बैंकर्स कमेटी की बैठक में इस विषय को शामिल करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक के जरिए खातों से रकम निकालने और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों के प्रति आमजन को जागरूक किया जा रहा है। कोटा में अब तक 52 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं तथा 280 पुलिस अधिकारियों और कांस्टेबलों को साइबर अपराध से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्य सचिव ने साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए प्रभावी कार्रवाई और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह डिजिटल बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा में जिला प्रशासन, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षकों और विभिन्न विभागों के चिकित्सकों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह डिजिटल बनाने के साथ मरीजों की देखभाल और उपचार की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने मेडिकल एजुकेशन, मेडिकल रिसर्च और पेशेंट केयर को मजबूत करने के साथ गुणवत्तापूर्ण शोध तथा मेडिकल कॉलेजों के प्रकाशनों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रमों की गुणवत्ता सुधारने और नॉन एकेडमिक सीनियर रेजीडेंट एवं जूनियर रेजीडेंट की संख्या बढ़ाने की राज्य सरकार की मंशा से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने कहा कि मरीजों के उपचार में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की नियमित मॉनिटरिंग, प्रसवपूर्व जांच, ब्लड ट्रांसफ्यूजन की निगरानी और रेफरल परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भावस्था के मामलों की निगरानी जिला अस्पतालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि एएनएम सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी नियमित समीक्षा होनी चाहिए। ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और प्रसव सखी नवाचार के तहत अस्पतालों में मरीजों के समन्वय के लिए कार्मिक उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक से पहले मुख्य सचिव ने न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई और पोस्ट गायनी वार्ड-1 का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्ड में भर्ती प्रसूता करिश्मा से मुलाकात कर उनके उपचार और स्वास्थ्य की जानकारी ली।
कोटा थर्मल की विद्युत उत्पादन क्षमता का लिया जायजा
मुख्य सचिव ने कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन का निरीक्षण कर विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयले की उपलब्धता और लोड फैक्टर के बारे में जानकारी ली। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के सीएमडी देवेंद्र श्रृंगी ने उन्हें विभिन्न इकाइयों के सुचारु संचालन और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों से अवगत कराया।
इस दौरान कोटा थर्मल की विकास यात्रा की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 1983 में पहली और दूसरी इकाई के संचालन से शुरू हुआ सफर वर्ष 2009 में सातवीं इकाई की शुरुआत तक पहुंचा। पावर स्टेशन को वर्ष 2000-2001 में राष्ट्रपति की ओर से गोल्डन शील्ड अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान को बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और पावर सरप्लस राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से घरों में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और प्रदेश में विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
स्थानीय नागरिकों और प्रतिनिधिमंडलों से की मुलाकात
कोटा प्रवास के दौरान मुख्य सचिव ने स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञापन सौंपे। जिला प्रशासन की ओर से कोटा की स्थानीय कला और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव को कोटा डोरिया पर स्थानीय कलाकार द्वारा हाथ से तैयार किया गया हस्तशिल्प मोमेंटो भेंट किया गया। इसके साथ ही कोटा स्टोन पर हाथों से उकेरी गई जगमंदिर की कलाकृति भी भेंट की गई।
इन कलाकृतियों के माध्यम से लोकल फॉर वोकल की भावना को बढ़ावा देने के साथ कोटा की विशिष्ट पहचान, स्थानीय शिल्प और कलाकारों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
बूंदी के लिए रवाना हुए मुख्य सचिव
कोटा प्रवास के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास शुक्रवार सुबह सर्किट हाउस से बूंदी के लिए रवाना हुए। बूंदी में उनका जल संचय और जल स्वावलंबन से संबंधित बैठक में शामिल होने का कार्यक्रम रहा। रवानगी से पहले सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, प्रशिक्षु आईएएस सृष्टि डबास, प्रशिक्षु आईएएस उत्कर्ष यादव, एडीएम प्रशासन राजेश जोशी, एडीएम सिटी विनोद कुमार मल्होत्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।